
खेल समाचार- आइची-नागोया, 23 अक्टूबर 2026: भारत की स्टार पैरा निशानेबाज और राजस्थान की शान मोना अग्रवाल ने एक बार फिर पूरे देश को गर्व करने का मौका दिया है। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है।
जयपुर की इस बेटी ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 कैटेगरी में न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता है, बल्कि इस दौरान उन्होंने विश्व रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया है।
50 मीटर थ्री पोजीशन में रचा नया इतिहास
शुक्रवार को खेले गए बेहद दबाव वाले फाइनल मुकाबले में मोना अग्रवाल ने अद्भुत एकाग्रता का परिचय दिया। उन्होंने फाइनल में कुल 357.5 अंक हासिल किए। यह स्कोर इस स्पर्धा का नया विश्व रिकॉर्ड है और साथ ही नया एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बन गया है।
इस स्पर्धा में चीन की अनुभवी निशानेबाज कुइपिंग झांग ने 353.7 अंकों के साथ रजत पदक पर कब्जा किया, जबकि दक्षिण कोरिया की म्योंग किम 344.4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत की ही एक और दिग्गज पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा ने भी बेहतरीन खेल दिखाया और 333.2 अंकों के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया।
इस जीत के साथ मोना अग्रवाल एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 स्पर्धा में पदक, वो भी गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
इस गेम्स का दूसरा गोल्ड, दोहरी सफलता
आपको बता दें कि एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना का यह पहला स्वर्ण नहीं है। इससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल जीता था। उस दौरान भी उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पर निशाना लगाया था। इस तरह एक ही एशियन पैरा गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने डबल धमाका किया है।
11 अगस्त 1987 को जयपुर में जन्मीं मोना का प्रेरणादायक सफर
11 अगस्त 1987 को जयपुर, राजस्थान में जन्मीं मोना अग्रवाल की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है। शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने निशानेबाजी को अपना करियर बनाया। SH1 कैटेगरी में वो खिलाड़ी आते हैं जो बिना सहारे के राइफल को संभाल सकते हैं और बैठकर या खड़े होकर शूट कर सकते हैं।
मोना ने बहुत कम समय में अपनी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बना ली है।
पेरिस पैरालंपिक से लेकर एशियन गेम्स तक लगातार चमक
मोना अग्रवाल का यह प्रदर्शन अचानक नहीं है। इससे पहले पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी उन्होंने देश का नाम ऊंचा किया था। पेरिस में उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर करोड़ों भारतीयों का दिल जीता था।
उस कांस्य पदक के बाद से मोना ने और भी कड़ी मेहनत की और अब एशियन पैरा गेम्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतकर साबित कर दिया कि वह दुनिया की सबसे बेहतरीन पैरा शूटर्स में से एक हैं।
मोना की इस दोहरी सफलता पर पूरे राजस्थान सहित पूरे देश में खुशी की लहर है। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय पैरा निशानेबाजी को एक नई दिशा और नए युवा निशानेबाजों को एक नई प्रेरणा मिली है।
न्यूज़ डेस्क: खेलो का सरताज







